मंगलवार, 28 सितंबर 2010

dosti aur dushmani

कहा जाता है कि दोस्ती  जबान से नहीं बल्कि दिल से करो और दुश्मनी दिल से नहीं बल्कि सिर्फ जबान से करो.दिल में इश्वर का वास होता है अतः वहां दुर्भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं है.

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